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सुधा भारद्वाज की बेटी मायशा की चिट्ठी, मां को बोलते हैं कि नक्सली है, लोग पागल हो चुके हैं

सुबह के सात बजे थे. मम्मी ने उठाया सर्च करने आए हैं घर को, उठ जाओ. फिर उसके बाद जो हुआ वो सब जानते हैं. सब मम्मा के बारे में लिख रहे हैं...
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इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज की छात्रा का आखिरी ख़त, मैं अब और नहीं लड़ सकती

'मुझे माफ कर देना मम्मी, स्वामी और सूर्या,  मैं डॉ स्मृति लहरपुरे पूरे होश हवास में लिख रही हूं. न ही कभी मैंने कोई नशे या दवाई का ...
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मेरी प्रिय, मैं अब हजार तरह के पाप, प्रायश्चित, गुनाह और दूरियां पचाने लगा हूं

-आशुतोष तिवारी मेरी प्रिय,  कल रात कोई पौने 11 हुआ होगा. बार की छत खुली हुई थी. पुराने बरगद का बूढ़ापन रंग बिरंगी लाइट्स की वजह से...
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मुजफ्फरपुर कांड पर नीतीश को तेजस्वी की चिट्ठी, खेलने की उम्र में वो खिलौना बन गईं

आदरणीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी, मुज़फ्फरपुर बालिका गृह बलात्कार कांड पर आपकी महीनों की रहस्यमयी चुप्पी देखकर यह खुला पत्र लिखने ...
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लिखना मुझे अच्छा लगता है क्योंकि लिखते हुए जीवन की तहें मेरे आगे खुलती हैं

-प्रियदर्शन मैं शायद पहले भी लिख चुका हूं- मैं बस इसलिए लिखता हूं कि लिखना मुझे अच्छा लगता है। कोई मेरा लिखा पढ़ ले तो और अच्छा लगता ह...
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सवा महीने की बेटी के नाम पिता की चिट्ठी, तुम मेरे जीवन का ख़ूबसूरत नजराना हो

-सत्येंद्र सिद्धार्थ मेरी प्यारी बिटिया, आज मेरे मन में उठने वाले हर भाव को, एहसास को एवं अपार ख़ुशी को अपने सार्थक शब्दों में पिरोक...
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खुद के नाम एक ख़त, डियर समाज बदल रहा है, जरा सा तुम भी बदल जाओ !

-गौतम सिंह डियर ड्रीम परेशान मत हो, जिन लोगों को तुम बुरा समझने की गलती कर रहे हो, दरअसल वह बुरे नहीं हैं, उनका स्वभाव ही ऐसा है। व...
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कैंसर से जूझ रहे इरफ़ान का भावुक ख़त, अपने अंदर एक नया जीवन उगते देख रहा हूं

एक वक्त गुजर चुका है जब पता चला था कि मैं हाई-ग्रेड न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर से जूझ रहा हूं। यह मेरे शब्दकोश में एक नया नाम है, जिसके बारे ...
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