Top Letters
recent

चिट्ठी आई है, आई है, चिट्ठी आई है

चिट्ठी आई है, आई है, चिट्ठी आई है
बड़े दिनों के बाद, हम बे-वतनों को याद
वतन की मिट्टी आई है...

ऊपर मेरा नाम लिखा है, अन्दर ये पैग़ाम लिखा है
ओ परदेस को जाने वाले, लौटके फिर न आने वाले
सात समंदर पार गया तू, हमको ज़िंदा मार गया तू
ख़ून के रिश्ते तोड़ गया तू, आंख में आंसू छोड़ गया तू
कम खाते हैं कम सोते हैं, बहुत ज़ियादा हम रोते हैं

चिट्ठी आयी है, आयी है, चिट्ठी आयी है

सूनी हो गईं शहर की गलियां, कांटे बन गईं बाग़ की कलियां
कहते हैं सावन के झूले, भूल गया तू हम न भूले
तेरे बिन जब आई दिवाली, दीप नहीं दिल जले हैं ख़ाली
तेरे बिन जब आई होली, पिचकारी से छूटी गोली
पीपल सूना पनघट सूना, घर शमशान का बना नमूना
फ़सल कटी आई बैसाखी, तेरा आना रह गया बाक़ी

चिट्ठी आई है, आई है, चिट्ठी आई है

पहले जब तू ख़त लिखता था, काग़ज़ में चेहरा दिखता था
बंद हुआ ये मेल भी अब तो, ख़त्म हुआ ये खेल भी अब तो
डोली में बैठी है बहना, रस्ता देख रहे थे नयना
मैं तो बाप हूं मेरा क्या है, तेरी मां का हाल बुरा है
तेरी बीवी करती है सेवा, सूरत से लगती है बेवा
तूने पैसा बहुत कमाया, इस पैसे ने देस छुड़ाया
देस पराया छोड़ के आ जा, पंछी पिंजरा तोड़ के आ जा
आ जा उमर बहुत है छोटी, अपने घर में भी है रोटी

चिट्ठी आयी है, आयी है, चिट्ठी आयी है

गीतकार- आनंद बक्षी
गायक- पंकज उधास
स‌ंगीतकार- लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
फिल्म- नाम (1986)

Myletter

Myletter

Powered by Blogger.