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बच्चों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाने की ख्वाहिश रखने वाले हर मां बाप कीर्ति की आखिरी चिट्ठी जरूर पढ़ें

यह जेईई मेन्स में खराब अंकों के कारण नहीं है। मैं इससे ज्यादा खराब होने की उम्मीद कर रही थी। ऐसा इसलिए क्योंकि मैं खुद से इस हद तक नफरत करने लगी हूं कि मैं खुद को खत्म कर लेना चाहती थी। मैं तो 22 अप्रैल को ही खुदकुशी कर लेना चाहती थी लेकिन लीना ने मुझे रोक लिया था। एक मात्र वही है जो मेरे अवसाद के बारे में जानती है। लेकिन वह मेरे प्रति ईमादार है। उसने किसी को इसके बारे में नहीं बताया। वह जानती है कि मैं उस पर भरोसा करती हूं। उस दिन उसने मुझे रोक लिया, लेकिन आज नहीं रोक पाएगी।

मेरे आस पास ऐसे लोग मौजूद हैं जिनके साथ से मुझे खुशी मिलती है। मुझे जानने वाले अधिकांश लोग कहेंगे कि मैं कभी खुदकुशी नहीं करूंगी और मेरे पास इसकी कोई वजह भी नहीं है। वह नहीं जानते कि मेरे अंदर क्या चल रहा है। कोई नहीं जानता कि मैं उनसे क्या छिपा रही हूं। उन्होंने मुझे हमेशा बेहद  खुश देखा है। मेरी मौत यकीनन उनके लिए हैरानी का सबब होगी। लोग कहेंगे कि वह इतनी मजबूत थी कि हमने कभी सोचा भी नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि मैंने कई लोगों को अवसाद से बाहर निकालने में उनकी मदद की थी। मैं खुद अपने लिए ऐसा नहीं कर पाई। दुनिया में कोई भी मेरी पूरी कहानी को नहीं जान पाएगा। मेरी आदत है कि मैं बातों को अपने तक ही सीमित रखती थी।

दोस्त, बड़ी होने के नाते मैं अपनी जिम्मेदारियों को समझती हूं। मुझे सब कुछ अच्छे से संभालना चाहिए था, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाई। मुझे माफ करना। अपना खयाल रखना और कुछ लिखना। दुनिया को तुम्हारे बेहतरीन विचारों से रूबरू होने का हक है। हर किसी की भाषा इतनी अच्छी नहीं होती, जैसी तुम्हारे पास है। प्लीज कुछ जरूर लिखना।

गुन्ना (छोटी बहन) माई डार्लिंग। आई लव यू। मेरी जिंदगी में तुम्हारी जगह छोटी बहन से कहीं ज्यादा है। मेरे लिए तुम एक प्यारे बच्चे की तरह हो। तुम्हारा प्यार मुझे हमेशा खुशी देता है। मैं चाहती हूं कि तुम कामयाबी की ऊंचाइयां छुओ। तुम्हें नाम और शोहरत मिले। लव यू स्वीटी, हमेशा मजबूत और ईमादार रहना।

दादाजी, माफ करिएगा। लेकिन आपके बेटे की तरह मेरे अंदर एक इंजीनियर नहीं है। मैं आपकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। आखिर मैं नाकाम रही। आप कभी शांत नहीं रह सकते, जब आपके बच्चे अशांत हों। आप मेरे बेस्ट दादा हैं। लव यू।

मां, यह सिर्फ मैं ही समझ सकती हूं कि जो करिअर आपने मेरे लिए चुना उसे अपनाना मेरे लिए कितना मुश्किल है। मेरे लिए आपने जो भी किया उसके लिए आपका धन्यवाद करती हूं। मैं आपसे प्यार करती हूं। आपको वह दिन याद होगा जब आपने कबूल किया था कि किस तरह आपने मुझे चालाकी से साइंस पसंद करने वाला बच्चा बनाया। मुझे अच्छी तरह पता था कि मैं ये नहीं कर पाऊंगी। मुझे ये भी पता था कि आप चाहती हैं कि मैं साइंस का चुनाव करूं। यही वजह थी कि मैंने आपको खुश करने के लिए साइंस का चुनाव किया।

मेरा रुझान एस्ट्रोफिजिक्स और क्वांटम फिजिक्स में था। मैं बीएससी करना चहती थी, बीटेक में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं थी। मुझे लेखन, इंग्लिश, इतिहास (इंडिया, वर्ल्ड, आर्ट, साइंस और मैथ, हिस्ट्री) भी पसंद हैं, और ये सभी विषय मुझे खुशी और कामयाबी देने में सक्षम हैं। मैं हमेशा से यही मानती हूं। माफ करना, आपको कभी बता नहीं सकी। अब मैं इसे खुलकर स्वीकार करती हूं। मां, मेरी छोटी बहन के साथ ऐसा मत करना, जो 11वीं में पढ़ रही है। उसे वह करने की इजाजत होनी चाहिए, जो वह पसंद करे। जो उसे खुश करे।

पापा आई लव यू। आप बेस्ट हो। आपके साथ बिताया गया हर लम्हा मेरे दिमाग में बसा है। आपका साथ हमेशा खुशी देने वाला है। मैं आपसे अपनी सभी तरह की रुचियों के बारे में हमेशा बात करती थी। मुझे अफसोस है कि मैं आपको अकेला छोड़कर जा रही हूं।

और आखिर में लीना डार्लिंग, मुझे माफ कर देना। मैं कुछ नहीं कर सकी। मेरे दिमाग में जो शोर है और मेरे दिल में जो घृणा है, मेरे खुद के लिए, वह पागल करने वाली है। तुम इस संबंध में कुछ नहीं जानती। मुझे जानने वाले अधिकांश लोग कहेंगे कि मैं कभी आत्महत्या नहीं करूंगी और मेरे पास इसका कोई कारण भी नहीं है। कुछ लोग कहेंगे कि वह इतनी मजबूत थी कि हमने कभी सोचा भी नहीं था कि वह इस तरह का कदम उठा लेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि मैंने कई लोगों को अवसाद से बाहर निकलने में उनकी मदद की थी। मैं खुद अपने लिए ऐसा नहीं कर पाई। वे नहीं जानते हैं कि मेरे अंदर क्या चल रहा है।

गुन्ना का खयाल रखना क्योंकि मेरे बाद वो बेहद अकेली हो जाएगी। मैं लोगों से ये गुजारिश करना चाहूंगी कि लोग शराब से दूर रहें। मैं कतई नहीं चाहूंगी कि मेरा पापा शराब को हाथ भी लगाएं। भारत सरकार और मानव संसाधन विभाग से अपील की है कि जितनी जल्दी हो सके इन कोचिंग संस्थानों को बंद करा देना चाहिए। ये युवाओं का खून चूसते हैं।

कीर्ति त्रिपाठी 

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