Top Letters
recent

पता नहीं वो मोदी कहां गया, जो 'पिद्दी' से पाकिस्तान को 'सबक' सिखाने की बात करता था?

-प्रीतपाल सिंह सोही

प्रिय मोदी,
तुम कितने बहादुर थे जब तुमने कहा था की एक पिद्दी सा देश हमें आँखें दिखाता है और हम 'ओबामा ओबामा' कहते हैं, 'लव लेटर' लिखते हैं। कितना दम देखा था भोली जनता ने तुम्हारी बातों में और आज तुम्हारे होते हुए उस 'पिद्दी' से देश के प्रधानमंत्री ने कह दिया कि पाकिस्तान उस दिन का इंतज़ार कर रहा है जब 'कश्मीर उसका हिस्सा होगा', हम कश्मीर की जनता के साथ हैं। इमरान खान की पार्टी पीटीआई कहती है भारत कश्मीर की जनता को मार रहा है, कहाँ खोये हैं मोदी जी? किस बात का इंतज़ार है? कुछ और नहीं तो जिस चीज़ में माहिर हो वो जुबान ही खोल देते, ये भी न होता है तो 'प्रेमपत्र' नहीं, एक सख्त सा पत्र ही लिख देते। ये भी नहीं कर सकते तो कैमरे को एक अच्छे से एंगल में घुमा कर गुस्से में एक फोटो खिंचवा कर, मीडिया में ये ट्रेंड करा देते कि 'मोदी का गुस्सा पाकिस्तान पर टूटा'।

इसे भी पढ़ें...
'जवानों ने मेरी 13 साल की बहन को मेरी आँखों के सामने हवस का शिकार बनाकर मार डाला'

मोदी जी, आप इतने देशों की यात्रा क्यों करते हैं, ओबामा जी से 2 साल के अपने कार्यकाल में तीन बार मिल लेते हैं, चीन के राष्ट्रपति से दो बार और दोनों ही देश भारत के साथ दुश्मन व्यवहार करते हैं। चीन लखवी से लेकर 'एनएसजी' के मुद्दे पर अपना रंग दिखाता है और फिर अगले ही दिन 'एनपीटी' के मुद्दे पर डांट देता है,
अमेरिका 'एच 1 वीज़ा' के नियम सख्त करने का बिल इंट्रोड्यूस करता है और 'पाकिस्तान की आर्थिक सहायता तीन गुना बढ़ा देता है' और आप अमेरिका के आगे झुक करना अपना 'एयर बेस अमेरिका को इस्तेमाल करने का समझौता कर लेते हैं।'

अमेरिका के लिए 100 प्रतिशत रक्षा क्षेत्र भी खोल देते हैं, मोदी जी अब तो डर लगता है कि आप भारत के प्रधानमंत्री हैं भी या नहीं। ये तो कोई और ही है, वरना इतना बदलाव कोई जीव जाति तो खुद में कर नहीं सकती। मोदी जी, अब हम किससे मन की बात कहें। आप पहले जीएसटी का विरोध करते थे। एफडीआई का विरोध करते थे और कहते थे, ये देश को विदेशियों के हाथों में बेचना है। सच तब हमें आप बहुत अच्छे लगे थे, पर जब आपने इस वर्षाकालीन सत्र के दौरान ये कहा कि जीएसटी जैसे बिलों को राष्ट्र के हित में पास होने दें, तो हमारे पैरों के नीचे से जमीन ही खिसक गई। हमें अहसास हुआ कि हमने एक ऐसे दल को वोट दिया जिसने जीएसटी जैसे राष्ट्रीय हित के बिल को 7 वर्ष तक पास ही नहीं होने दिया।

इसे भी पढ़ें...
56 इंची महाशय, आपकी बेवकूफियों और कन्फ्यूज्ड पॉलिसी की सज़ा मुल्क कब तक भुगतेगा?

मोदी जी महंगाई बढ़ने का कारण भ्रष्टाचार है, ये आपने ही कहा था। तब चने की दाल 40 रुपये किलो, अरहर की दाल 60 रुपये किलो और चीनी 27 रुपये किलो थी। आज चने की दाल 110 रुपये, अरहर की दाल 195 रुपये किलो और चीनी 42 रुपये किलो है। आप यह भी कहते हैं कि मेरी सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं है, मोदी जी ये कैसी विधा है हम दुविधा में हैं। अगर आपको इतना झूठा और डरपोक मानें तो खुद पर ही शर्म आती है। मोदी प्रेमियों से क्षमा याचना सहित। [अगर आप भी लिखना चाहते हैं कोई ऐसी चिट्ठी, जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो हमें लिख भेजें- merekhatt@gmail.com. हमसे फेसबुकट्विटर और गूगलप्लस पर भी जुड़ें]

My Letter

My Letter

Powered by Blogger.