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बर्थडे पर मोदी को 'अभक्त' की चिट्ठी, बधाई! देश बर्बाद करने का 'देशभक्तों' का सपना सच हो रहा है

- मयंक सक्सेना 

प्रिय प्रधानमंत्री जी, 

ये पत्र आपको जन्मदिन की बधाई देने के लिए लिख रहा हूं, सो सबसे पहले हैप्पी बर्थ़डे...अब आपकी तरह ट्विटर पर इतना बड़ा आदमी नहीं कि वहां लिख सकूं और लाखों लोग रीट्वीट करें, सो फेसबुक पर लिख रहा हूं...आपको पद ग्रहण किए 2 साल से ज़्यादा हुए। आपने पद ग्रहण करने से पहले ही कहा था कि आप प्रधान सेवक हैं, आप देश के चौकीदार हैं। आप ने चुनाव अभियान में कुछ अहम मुद्दों पर बात की थी, जो इस प्रकार हैं...

महंगाई ख़त्म कर देंगे
काला धन वापस लाएंगे 
किसानों के अभाव और दिक्कतें खत्म होंगी 
महिलाओं पर हिंसा समाप्त होगी 
रोज़गार में बढ़ोत्तरी होगी 
देश की एकता पर बात होगी 
सभी वर्गों के लिए बेहतर माहौल होगा 
देश से आतंकवाद का खात्मा होगा 
आम आदमी की सरकार तक पहुंच बेहतर होगी 
कुल जमा अच्छे दिन आएंगे 

लेकिन आपको ये भी बताना ज़रूरी है कि आपके इन मुद्दों पर 2 साल से अधिक में हुआ क्या...महंगाई खत्म होना तो बहुत दूर की बात है, महंगाई दिन पर दिन बढ़ती गई। दुनिया भर में तेल सस्ता होने के बावजूद न केवल आपके राज में भारत में महंगा होता गया, बल्कि बाकी सभी चीजें भी महंगी हो गई। गरीब दाल-रोटी तक खाने को मोहताज हो गया। यही नहीं आप बेहद चालाकी से रेल किराया महंगा कर के, उसे अंततः निजी हाथों में सौंपने की तैयारी में हैं। 

काला धन जुमला था, ये तो आपके भामाशाह अमित शाह भी बता चुके हैं और हाल ही में नकुल-सहदेव गडकरी वगैरह भी कह चुके हैं। काले धन को लेकर आपकी सरकार इतनी चिंतित है कि न केवल सुप्रीम कोर्ट में बेइज़्ज़ती करा चुकी है, बल्कि अब तो वह क़ानूनी रूप से काले धन को रखने वालों को उसे सफेद कर के बचाने का प्रस्ताव दे रही है। यानी कि कुछ फीसदी दो और बाकी बेईमानी का पैसा सफेद कर लो...सज़ा वगैरह तो गरीब के लिए है।

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किसानों की हालत सिर्फ इस बयान से जाहिर हो जाती है कि आपके कृषि मंत्री किसानों की आत्महत्याओं को नपुंसकता, असफल प्रेम वगैरह जैसे खानदानी दवाखाने के विज्ञापनों पर आधारित बता देते हैं। आपकी सरकार आने के बाद लगातार किसानों की आत्महत्याएं बढ़ती ही नहीं गई हैं, बल्कि नए राज्यों में फैलती गई हैं। वैसे गुजरात मॉडल में भी  किसान सड़क पर ही हैं, या तो प्रदर्शन करते हुए, या गिड़गिड़ाते हुए। बाकी महाराष्ट्र, बुंदेलखंड, तेलंगाना का क्या ही कहा जाए...

आपकी सरकार के आने के बाद महिलाओं पर हिंसा के मामले तो जो हैं, सो तो हैं ही...लेकिन आपके अपने सांसद तक जिस तरह लगातार महिला विरोधी बयान देते रहे हैं और आप धृतराष्ट्र बन कर बैठे रहे हैं, उससे ये साफ है कि आपकी सरकार और खुद आपका महिलाओं को लेकर नज़रिया क्या है। आपके मानस गुरु मोहन भागवत महिलाओं को बच्चा पैदा करने की मशीन बताते हैं और उनके भाषणों का सरकारी प्रसारण माध्यमों पर लाइव टेलीकास्ट होता है। 

रोज़गार के बारे में मुझे कुछ नहीं कहना, उसके बारे में पूरा देश सच जानता है कि सिर्फ आपको और आपके मंत्रिपरिषद को ही रोज़गार मिला है। 2 साल में कितनी सरकारी नौकरियां निकली हैं, उसका सच गोरक्षकों की भीड़ में शामिल बेरोज़गार युवक और आपके आईटी सेल में झूठ फैलाने के लिए 3 हज़ार रुपए पर शामिल नौजवान ही सब बता देते हैं...

रही बात देश की एकता की, तो आप सफेद झूठ बोल रहे थे, क्योंकि आपकी पार्टी की राजनीति की राह में सबसे बड़ा रोड़ा ही एकता है। इसीलिए सरकार आते ही आपने देश को तोड़ने की अपनी राजनीति शुरु कर दी। भाजपा से जुड़े संगठनों के लोग लगातार देश की एकता में दरार डालने में लगे हैं। लव जिहाद से लेकर गो हत्या तक के मामलों में आप दुनिया भर में देश की फजीहत करा चुके हैं। हिंदू और मुस्लिम को एक दूसरे के खिलाफ भड़काया जा रहा है। 
अब बात सभी की खुशहाली की...देश भर में पिछले 2 साल में लगभग सरकारी तौर पर न केवल अल्पसंख्यकों बल्कि दलितों पर हमलों में इज़ाफ़ा ही नहीं हुआ है। आरएसएस और उससे जुड़े बजरंग दल जैसे आतंकवादी संगठनों को लगभग खुली छूट मिल गई है कि वह धर्म के नाम पर कुछ भी करें। न केवल सरकारी संस्थानों, विश्वविद्यालयों में इन वर्गों के साथ अन्याय हो रहा है, सड़क पर कट्टरपंथियों की फौज इनको निशाना बना रही है और आप अभिनय में व्यस्त हैं। 

महोदय, बात देश से आतंकवाद की...प्रभु ये बताएं कि एक आतंकवाद का खात्मा करते-करते आप दूसरा आतंकवाद कैसे शुरु कर सकते हैं? एक आम नागरिक को सीमापार से आने वाले किसी आतंकी से उतना ख़तरा नहीं है, जितना उसके शहर, मोहल्ले और गली में रहने वाले आतंकी से है। लेकिन आपकी सरकार आने के बाद आपके ही लोग पूरे देश में आतंक फैला रहे हैं। याद रखिएगा, जिस दिन आप इनके खिलाफ बोलेंगे, ये आपको भी नहीं छोड़ेंगे...

आपने कहा था कि आम आदमी की सरकार तक पहुंच होगी...आपको बताना चाहूंगा कि आपका कार्यालय जिसे पीएमओ के नाम से जाना जाता है, वह आरटीआई तक के जवाब नहीं देता है। आप डिजिटल इंडिया का जो नाटक रच रहे हैं, वह इस देश में कम्प्यूटर अशिक्षित गरीब को सरकार से और दूर कर देगा। आपकी शिक्षा नीति में खोट है, आप शिक्षा की जगह अंधविश्वास को बढ़ावा दे रहे हैं। आरटीआई समेत किसी भी तरह से सरकार से कोई जवाब नहीं मांगा जा सकता है। हर आदमी सुप्रीम कोर्ट भी नहीं जा सकता है। और आप तो जनाब देश में रहते नहीं हैं...फिर कौन सी सरकार और किस आम आदमी के करीब???

हां, आपकी एक बात सच है कि अच्छे दिन आएंगे...बिल्कुल आए हैं....आपके आए हैं...आपके मंत्रियों के आए हैं...सारे अवसरवादियों के आए हैं...आपके हर चापलूस के आए हैं...पूंजीपतियों के आए हैं...यही नहीं आरएसएस, बजरंग दल, विहिप वगैरह के भी आए हैं...हर तरह के धार्मिक कट्टरपंथियों के आए हैं...महोदय आपने अगर उस वक्त ये भी बता दिया होता कि किसके अच्छे दिन आएंगे, तो आज हम ये दिन न देखते...हो सकता है कि आपको चुुनाव में धूल चटा कर, हम अपने जितने अच्छे दिन थे, उतने ही बचा पाते...हां, आपकी पीआर एजेंसी को मेरी ओर से बधाई दीजिएगा कि वह अपना झूठे प्रचार का काम ढंग से निभा पाए...मोहन भागवत मिलें, तो उनसे भी कहिएगा कि देश को बर्बाद करने का उनका सपना भी सही राह पर है...

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इसलिए आपको अपने सपने के पूरे होते जाने पर बधाई...बधाई आपके जन्मदिन पर आपको कि आप देश को बेचे जा रहे हैं...बधाई कि आप इस देश को नर्क बनाने की राह पर 2 ही साल में 200 कदम आगे बढ़ गए हैं...बधाई कि आप इतिहास में याद रखे जाएंगे...क्योंकि इतिहास सिर्फ अच्छे और महान लोगों को ही याद नहीं रखता...निकृष्टतम और घटिया लोगों को भी याद रखता है...बधाई कि आपकी वजह से एक न एक दिन इस देश का गरीब और सोया हुआ तबका जाग जाएगा...बधाई कि मेरे जैसे लोगों की कही बात, जिसे सरकार के पहले लोग ग़लत समझते थे, आपने सही साबित की...बधाई कि आपके भाषणों और जुमलों की लम्बाई इतनी हो गई है कि आप बिना हवाई जहाज़ सिर्फ उन कागजों पर बैठ कर विदेश जा सकते हैं, जिन पर वो लिखे गए हैं...

एक बार फिर...जन्मदिन की अशेष शुभकामनाएं...

आपका 
एक अभक्त, अशक्त सिकुलर नागरिक
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