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मोदी जी यहां सब ठीक है! गृहमंत्री ने कड़ी निंदा कर दी है, बस आप भाषण बढ़िया से दीजिएगा

-अंशुल कृष्णा

आदरणीय मोदी जी
आशा करता हूँ आप ठीक होंगे. मैं भी खैरियत से हूँ. अभी अभी पिज़्ज़ा खा के डकार मारी है तो सोचा आपको ख़त लिख दूं. आपको दिल्ली के MCD चुनाव जीतने की बधाई. उससे पहले भी हुई आपकी ऐतिहासिक जीतों के लिए बधाई. आप हिमांचल में हैं उधर भी चुनाव आने वाले हैं. बढ़िया से भाषण दीजियेगा. हम इंतज़ार कर रहे हैं आपके भाषण का. बाकी इधर का माहौल ठीक है.

आप चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश को शमशान और कब्रिस्तान वाला पाठ पढ़ा के गए, लोग आज भी आपकी तारीफ़ करते हैं. फिर जीतने के बाद आप आये नहीं तो सोचा आपको ख़त लिख दूं. यहाँ सब बढ़िया है. गुंडाराज बिल्कुल खत्म है. कोई इंसान को परेशानी नहीं. पुलिस वाले मारे गए हैं थोड़े बहुत, उनसे हमको क्या. वो कौन से हमारे रिश्तेदार थे जो उस पर कुछ कहा जाए. योगी जी ने बढ़िया से संभाल लिया है सब कुछ.

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इधर दिल्ली में भी कुछ किसान आये थे तमिलनाडु से. उन्होंने भी खूब ढोंग किया. पेशाब तक पी लिया. फिर वो चले गए. गालियां बहुत पड़ीं उनको. लेकिन हमको क्या. वो कौन से हमारे रिश्तेदार थे. आप भी क्या करते, उनसे मिलकर. अभी चुनाव तो हैं नहीं तमिलनाडु में. जब होगा तो फिर से शमशान कब्रिस्तान की तरह आप भाषण दीजियेगा. मैं दावे के साथ कह रहा जीत पक्की है भाजपा की.

फिर उसके बाद उधर नक्सली ने सुकमा में कुछ जवानों को मार गिराया. जिनमें ज्यादा कुछ तो नहीं बस कुछ माँओं ने अपने बेटे खोए. कुछ बहनों ने भाई. कुछ पत्नियों ने अपने पति. हमने भी कड़ी निंदा की. कसम से पूरा फेसबुक भर दिया निंदा से. अब क्या करते. राजनाथ जी भी वही कर रहे थे. हमको लगा देश निर्माण हो रहा है, तो हम भी खूब निंदा किये. हाँ गाली नहीं देते तो गाली नहीं दे पाए. आपके कुछ चाहने वाले हैं जो फेसबुक पर भी मौजूद हैं. वो बहुत अच्छी गालियां देते हैं. उनसे सीख रहा हूँ. जैसे ही कोर्स कम्पलीट होगा. हम भी बहुत अच्छे से देंगे गालियाँ. ख़ैर तो मैं कह रहा था कि सुकमा के जवानों की लाशें उनके परिवारों को मिल गयी हैं. वो थोड़े दिन रोयेंगे. आपने कह ही दिया कि शहीदों की शहादत बेकार नहीं जायेगी तो उसी की उम्मीद में वो रहेंगे. लेकिन हमको क्या, वो कौन से हमारे रिश्तेदार थे.

आज सुबह की खबर देखी. हमेशा की तरह आज भी सबसे पहले आपकी फोटो देखी. बहुत ही सुंदर तस्वीर थी. मगर फिर एक और छोटी सी खबर देखी. कश्मीर वाली, नहीं ऐसा कुछ खास नहीं हुआ, बस थोड़े से जवान और मार दिए गए. लेकिन हमको क्या, वो कौन से हमारे रिश्तेदार थे. अभी फेसबुक पर सबने निंदा करनी शुरू कर दी है. थोड़ी सी मैंने भी कर दी. मनमोहन सिंह की निंदा. मनमोहन को जानते हैं ना आप? वही जो सोनिया के इशारों पर नाचते थे, हां उनकी ही.

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अभी शायद आपके उधर से निंदा नहीं आयी, आ गयी होगी, मैं चेक करता हूँ. हो सकता है केंद्र और राज्य सरकारों के कामों को लेकर कोई बैठक हो रही हो, फिर उसके बाद निंदा हो. खैर, आप बढ़िया से प्रचार कीजिये हिमांचल में, आपके भाषण का इंतजार है हमको, निराश मत कीजियेगा और मेरी मानिए वहां भी तीन तलाक़ पर बोल दीजिये. मंदिर बनवाने का ऐलान कर दीजिये और शमशान वाला भी करके देख लीजिए. मैं बता रहा आपको, जीत पक्की है.


उधर आप हिमांचल से आओ, तब तक हम भी इधर कूलर में पानी भर लेते हैं, टीवी पर ज़ी न्यूज़ लगा दिए हैं, बहुत बढ़िया और निष्पक्ष चैनल है, बाकी जो मर गए, मरने दो हमको क्या, वो कौन से हमारे रिश्तेदार थे. आप आनंद में रहिये, हम भी मज़े में हैं.

शुक्रिया
आपके देश का एक विद्यार्थी
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