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पुतिन के नाम मोदी की चिट्ठी, इतने लंबे टाइम से इत्ती सारी टेंशन कैसे झेल ले रहे हो यार?

- नितिन ठाकुर

प्रिय पुतिन, 
प्रणाम। कैसे हो ब्रदर? ठीक ही होंगे। रूस जैसे देश का दो बार पीएम और तीन बार प्रेसिडेंट बनकर भी किसी के हाल खराब कैसे होंगे? पूरी ना सही, आधी दुनिया के उजड़े हुए राजा हो तुम। वैसे इतने लंबे टाइम से इत्ती सारी टेंशन कैसे झेल ले रहे हो यार? अपनी तो सांस तीन ही साल में फूलने लगी। ऐसा नहीं कि जादू फीका पड़ गया, तमाशा ठीक ही ठाक चालू है। ढाई साल पहले जिस दिल्ली में इज़्ज़त गंवाई थी वहां भी इस बार अठन्नी-चवन्नी बचा ली है मगर यार अब पहले जैसी बात रही नहीं।

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पाकिस्तान तो पाकिस्तान घर के नक्सली भी मैटर खराब कर दे रहे हैं। मेरे अलावा कोई अपना काम ठीक से नहीं करता। हमारे यहां एक वकील नेता/ नेता वकील (जैसी तुमको सुविधा हो पढ़ लेना) है। पहले तो जमी जमाई सीट से लोकसभा चुनाव हारा। फिर क्रिकेट पॉलिटिक्स में अपने ही लोगों से भद्द पिटवाई। हमने सब भूल-भाल कर दो-दो बड़े मंत्रालय दिए तो वो भी नहीं संभाल पा रहा। कभी कॉरपोरेट से गाली खाता है तो कभी बॉर्डर पर हल्का पड़ जाता है। और तो छोड़ो यार, इज़्ज़त खराब हो रही थी तो चुपके से होने देता लेकिन यहां तो भाई कोर्ट में मानहानि का मामला लेकर पहुंच गया। उधर एक अजर-अमर वकील के हाथों अब कायदे से ही मान हानि करवा रहा है।

इन सबके बीच मैं फंस गया हूं। लोग मेरे नाम पर वोट डाल आते हैं तो ये ससुर मेरे नाम का इस्तेमाल कहीं भी करने लगे हैं। बताओ, कूड़ा-कचरा वाले निगम चुनाव में भी मुझसे रैली करने को बोल रहे थे। तुम्हारे यहां होता है भला ऐसा? ये तो लाइफब्वॉय समझ कर मेरा हर तरह से इस्तेमाल कर रहे हैं। नहा भी रहे हैं और संडास से निकलकर हाथ भी मल रहे हैं। वैसे आज कल इधर माहौल बहुत खराब हो गया है। बहुत दिनों से कहीं बाहर भी नहीं निकला। जी घबराने लगा है। थोड़ा व्यस्त रहा तो कंगारू देश और बगलवाले देश के दोस्तों को घर ही बुला लिया था, लेकिन अब मुझे ब्रेक चाहिए।

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अगले महीने दो-तीन दिनों के लिए तुम्हारे यहां आ रहा हूं। बाकी तुम्हारा तो तलाक हो गया है तो भाभी के लिए कुछ लाना है नहीं। तुम्हारे लिए तरबूज लेता आऊंगा। इधर मार्केट में आ गए हैं। फिलहाल चलता हूं। डोभाल दो बार दरवाज़ा बजा चुका है। लगता है स्ट्राइक की नई स्क्रिप्ट तैयार हो गई है। मिलते हैं।
तुम्हारे ही पदचिह्नों पर चलने को प्रयासरत,

उड़ता उड़ेंद्र
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