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'संजू' के 108 स्कोर पर ताली बजाने वाले समाज से #MeToo पर अट्टहास से ज्यादा की उम्मीद बेमानी है

- नीलोत्पल मृणाल

आदरणीय संजय दत्त,
देश में #MeToo चल रहा है। आप 308 पर भी नाबाद हैं, एक बॉल नही लगा है थोथना या टांग पर। कलात्मकता से खेले आप, टिके रहे, ठीके रहे।
"संजू" ने धमाल मचाया। कितनी सहज़ता से लिया गया 308 के पावन स्कोर को। कहीं से कोई हैरत नहीं। सबके लिए नॉर्मल सी बात। एक बार भी नहीं लगा कि ये सब कुछ अजीब है। कहीं कोई हल्ला नहीं, कोई भूचाल नहीं। स्त्री पुरुष सबको प्रिय लगी संजू, संजू के किस्से, उसका संघर्ष। उन 308 के 308 प्रेम के समर्पण पर कोई भी देश इतरा सकता है कि उसने ऐसा कामदेव पैदा किया जिस पर इतनी स्त्रियों ने अपने हृदयतल की गहराइयों से प्रेम खखोर खखोर संजू बाबा पर लुटाया।

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चारों तरफ अब नफ़रत और शक़ में बदल चुके इस मुल्क के माहौल में पता नहीं ये स्वर्ण युग और ऐसा स्वर्णिम व्यक्तित्व फिर कब आये जिनके लिए 308 हृदय समर्पित हों और उनमें से एक भी को ये एहसास तक न हुआ हो कि उनके साथ कुछ गलत हुआ। वे सब तो वासना रहित प्रेम की प्यासी गोपियाँ थीं जिसे #AK56 वाले राइफलधर ड्रगहारी से बस प्रीत लगानी थी।

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ये सभ्यता राजकुमार हिरानी की कर्जदार रहेगी, जिन्होंने इस देश को ये प्रेम लीला प्रस्तुत कर इतना सहज़ कर दिया कि 308 की संख्या भी कम लगने लगी इस समाज को, कम से कोई अजूबा तो नहीं ही लगा। अनैतिक और गलत लगने जैसा तो स्वप्न में भी नहीं सोच सकता अब ये मुल्क।
ऐसा देश किसी स्त्री द्वारा दस पंद्रह वर्ष पहले के इस शिकायत पर भला क्या प्रतिक्रिया दे कि, फलना ने मेरे साथ दशकों पहले गलत किया था? ये देश अब आर्यावर्त ही नही, संजुवर्त भी है। संजू संहिता को देख लोगों ने पर्दे पर प्राण न्योछावर कर दिए।

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ऐसे में, यहां किसी स्त्री की हर शिकायत पर अट्टहास करना ही सहज़ता है, यही हमारी असली पहचान है, यही हमारी नियति भी है अब। मेरा बस इतना कहना था, एक ही देश में "संजू" भी चले और #MeToo भी चल जाय, ये हो नहीं सकता। होना भी नहीं चाहिए क्योंकि किसी भी देश के समाज़ को इतना दोगला तो नहीं ही होना चाहिए कि संजू और #MeToo दोनों को बराबर हिट कर दें। दोनों में कोई एक ही चल सकता है। और संजू चल चुकी है। बधाई। जय हो। [अगर आप भी लिखना चाहते हैं कोई ऐसी चिट्ठी, जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो हमें लिख भेजें- merekhatt@gmail.com. हमसे फेसबुकट्विटर और गूगलप्लस पर भी जुड़ें]

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