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अबकी बार तुम्हें खुलकर ईद की मुबारकबाद नहीं दे पा रहा हूं दोस्त, देश बदल गया है, इसलिए मैं भी बदल गया हूं !

-सुबोध राय प्यारे इरफान भाई,  मैं इस बार न इफ्तार में आ पाया। न तुम्हें खुलकर ईद की मुबारकबाद दे पा रहा हूं। देश बदल गया है। इसलिए मै...
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मुझे बदनाम करनेे लिए लोग लाश बनकर नदी में तैर रहे हैं, बताओ तो भला ये कौन सा जिहाद है?

-अनिरुद्ध शर्मा मित्र मयूर, ये कोंगी, वामी, मुल्ले इस हद तक जाएँगे सोचा नहीं था। अब मुझे बदनाम करनेे लिए लाश बनकर नदी में तैर रहे हैं। बताओ ...
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प्रेम-पत्र और हेडमास्टर, बेईमानी चाहे सीख लो, प्रेम-पत्र मत लिखो, गुरु का क्या यही फ़र्ज़ है कि प्रेम पत्र देखा और सज़ा दे दी?

-हरिशंकर परसाई गुरु लोगों से मैं अभी भी बहुत डरता हूँ। उनके मामलों में दखल नही देता। पर मेरे सामने पड़ी अख़बार की यह खबर मुझे भड़का रही है...
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डीयू की प्रोफेसर सुधा सिंह की 'साहित्य समीक्षा' पर मैत्रेयी पुष्पा की चिट्ठी, लेखक किसी वाद के तहत नहीं, अपनी धुन और लगन में लिखता जाता है

-मैत्रेयी पुष्पा प्रिय सुधा,  तुमने जो कुछ मेरी रचनाओं के आधार पर बोला या कहा, वह सुनकर मेरे जैसे किसी भी लेखक को बहुत ख़ुशी होगी। ख़ुशी से...
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बेटे के नाम एक मां की पहली और आखिरी चिट्ठी, दुनिया के हर बेटे को इसे एक बार जरूर पढ़ना चाहिए

मेरी माँ की सिर्फ एक ही आँख थी और इसीलिए मैं उनसे बेहद नफ़रत करता था। वो फुटपाथ पर एक छोटी सी दुकान चलाती थी। उनके साथ होने पर मुझे शर्मिन्द...
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हिंदी मीडियम से साइंस पढ़ने वाले छात्र का प्रेम पत्र, तुम्हारे मन मस्तिष्क के सफ़ेद लिटमस पत्र को नीला करके ही दम लूंगा

मेरी अति प्रिय मैडम क्यूरी, जबसे मैंने तुम्हारी परखनली जैसी पतली नाज़ुक उंगलियो को स्पर्श किया है, मेरे हृदय में लगातार बहुत सी रासायनिक औऱ भ...
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एक खेल प्रेमी का खुला खत, हम भूल गए थे कि इस देश में क्रिकेट के अलावा भी दूसरे खेल खेले जाते हैं

मैं पूरे देशवासियों की तरफ से आप सभी खिलाड़ियों से माफी मांगना चाहता हूं, क्योकि हम आप सभी को हार और जीत के चश्मे से ही देख रहे है, जबकि आप ...
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"मैं उस समय तक नहीं मरा था, जब बेटे ने मेरे ऊपर से ऑक्सीजन सिलेंडर हटा कर अपनी मां को लगाया था"

- दीनू मेघवाल हर तरफ वार्डब्वॉय और परिवारजन मृतकों से ऑक्सीजन हटा कर जीवितों को लगा रहे थे। जिसके बच सकने की उम्मीद थी, उसे किसी तरह हाथ-पैर...
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कोरोना संकट से दुखी अरुंधति रॉय की पीएम मोदी से विनती, कम से कम अब तो कुर्सी से उतर जाइए, आपके हाथ जोड़ती हूं

- अरुंधति रॉय हमें सरकार की जरूरत है। बहुत बुरी तरह से। जो हमारे पास है नहीं। सांस हमारे हाथ से निकलती जा रही है। हम मर रहे हैं। हमारे पास य...
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दुखी डॉक्टरों के नाम रवीश कुमार का ख़त, मैं क्या लिख रहा हूं, आप इससे आहत हो रहे हैं, लेकिन जो हो रहा है उससे आहत नहीं हो रहे हैं?

सम्मानित डॉक्टर जन , हर बात में आहत हो जाएँगे तो कैसे चलेगा। डॉ गुलेरिया पर लिखा तो इसे लेकर भी आहत हो जा रहे हैं लोग। मैंने पोस्ट डिलिट कर ...
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तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री स्टालिन के नाम खुला खत, केंद्र का स्वभाव ही गरीब और वंचित विरोधी होता है, क्षेत्रीय पार्टियां एक बड़ी उम्मीद हैं

- पंकज के. चौधरी डियर स्टालिन , आपको जीत मुबारक हो। मुख्यमंत्री बनने की बधाई स्वीकार कीजिये। तमिलनाडु को एक पावरफुल मुख्यमंत्री मिल रहा है,...
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मित्रों, मेरा नाम 'सिस्टम' है, जुमलेबाजी मेरा प्रिय शगल है और जिम्मेदारियों से भागने की आदत मुझे बचपन से ही रही है

मित्रों, मैं एक गरीब घर का बेटा हूं। मेरे पिताजी चायवाले थे। वैसे बचपन से ही मै थोड़ा कामचोर टाइप था। जब मेरे पिताजी मुझे काम करने के लिए बो...
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रवीश कुमार की चिट्ठी के जवाब में यूपी के एक IPS अधिकारी का ख़त, 'कभी इस वर्दी का दर्द सिरहाने रखकर सोइये, सुबह उठेंगे तो पलकें भारी होंगीं'

प्रिय रवीश जी, आपका ख़त पढ़ा । उसमें सहमत होने की भी जगह है और संशोधनों की भी। यह आपके पत्र का जबावी हमला कतई नहीं है। उसके समानांतर हमारे म...
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"प्यारे देशवासियों! इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश बनने की सूचना मुझे नहीं दी क्योंकि तब मैंने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया था"

मेरे प्यारे भाइयों और मूर्खों,   मैं आज एक अहम जानकारी देने जा रहा हूँ । नेहरू जी ने मेरे साथ धोखा किया। हुआ यूँ कि गांधी जी चाहते थे कि मैं...
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'आज तक' चैनल वाली श्वेता सिंह के नाम एक आम दर्शक की चिट्ठी, जाओ चुल्लू भर पानी तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है!

-राजीव श्रीवास्तव प्रिय श्वेता सिंह, प्रिय इसलिए नहीं लिखा की आप प्रिय हो। सिर्फ इसलिए लिखा की शायद आप उम्र में मुझसे छोटी हो। होली पर आपका ...
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पीएम मोदी को एक किसान समर्थक शिक्षक की चिट्ठी, क्या राजा भी इतना क्रूर हो सकता है, जितना खुद को ‘प्रधान सेवक’ कहते हुए भी आप हैं?

माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी, लगता है कि वर्षों से एसी में रहने के कारण जाड़े की ठिठुरन का एहसास भी आप भूल चुके हैं. दिल्ली के बार्डर पर खून...
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