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पाकिस्तान में शादी से पहले सेक्स से मैंने क्या सीखा?

-जेहरा हैदर

पाकिस्तान एक इस्लामिक और कट्टरपंथी देश है, जहां के लोग पोर्न देखने के मामले में दुनिया में सबसे आगे हैं। यह स्टेटमेंट पाकिस्तान के कल्चर को बयां करने के लिए काफी है। हम सेक्स के लिए अतिउत्साही हैं। लेकिन, फिर भी पाकिस्तान में सेक्स एक टैबू सब्जेक्ट है। हमारी मर्दवादी सोसाइटी में पुरुषों का चरित्र इससे तय नहीं किया जाता, लेकिन अगर कोई मिडल क्लास फैमिली या लोअर बैकग्राउंड की लड़की शादी से पहले सेक्स करते हुए पकड़ी जाए तो हंगामा मच जाता है।

शादी से पहले सेक्स को लेकर गरीब बैकग्राउंड की लड़कियों को सजा देने का चलन पूर्व राष्टपति जिया-उल-हक की डिक्टेटरशिप या 'इस्लामिजेशन' के समय से शुरू हुआ। ये जीना (पत्थरों से मारना) और हुदूद (कोड़े मारना, हाथ काटना और ऑनर किलिंग) हैं। उनकी सरकार के समय महिलाएं रेप का आरोप नहीं लगा सकती थीं। अगर कोई ऐसा करता, तो उसे व्यभिचारी बताकर जेल भेज दिया जाता था। हालांकि, इस तरह की सजाएं अब कम हो चुकी हैं, लेकिन लोगों की मेंटेलिटी अब भी वैसी ही है। मुस्लिम सोसाइटी में जेंडर बेस्ड क्राइम के लिए शरिया लॉ को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। यहां महिलाओं के लिए फ्रीडम ऑफ स्पीच और ह्यूमन राइट्स की कमी है।

2012 में पढ़ाई के लिए कनाडा आने से पहले मैं दर्जनों लोगों के साथ सेक्सुअल रिलेशन में रह चुकी हूं। ऐसा नहीं है कि मैं इसे लेकर काफी ओपन थी। पाकिस्तान में रहते हुए मुझे काफी दबाया गया। जिंदगी के सबसे कामुक दिनों में ऐसी पाबंदियां के कारण मैं सेक्स के बारे में कुछ ज्यादा ही सोचती थी।

पाकिस्तान में रहते हुए मैंने कई तरह से सेक्स किया। अपने पार्टनर के घर में, उसके पापा के ऑफिस में और सुनसान जगह पर खड़ी कार में। कई बार होटल्स का भी यूज किया। चूंकि, इस्लामाबाद में सिर्फ दो बड़े होटल हैं, जिनमें से एक है मैरिएट। इसका एक रात का किराया 150-200 डॉलर तक है, जो कि किसी कम उम्र के लड़के-लड़की के लिए काफी महंगा है। हालांकि, सिर्फ पैसे खर्च करके रूम बुक करना ही सबकुछ नहीं है। इसके बाद भी कई झमेले होते हैं। जिसके नाम से रूम बुक होता है, वो पहले जाता था। इसके 15 मिनट बाद दूसरा शख्स रूम में जाता, ताकि किसी को शक न हो और हम पकड़े न जाएं।

अगर आप पकड़े गए तो इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता। एक बार मेरी आंटी के ब्वायफ्रेंड को जमकर पीटा गया था। अपने ब्वायफ्रेंड से मिलते हुए मैं भी एक बार पकड़ी गई थी। घरवालों ने मेरी किसी भी लड़के से बात करने पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा मेरे स्कूल में और ब्वायफ्रेंड के पेरेंट्स को भी इस बारे में बता दिया गया था।

19 साल की उम्र में टोरंटो आ जाने के बाद मैं काफी समय तक खुद को नए माहौल में ढाल नहीं पाई। मुझे होमसिकनेस थी। टोरंटो में भी किसी पाकिस्तानी लड़के के साथ घूमने में मुझे अजीब लगता था। लेकिन, फिर मुझे महसूस हुआ कि मुझे बदलना होगा और मैंने खुद को बदला। यहां बिल्कुल अलग तरह का माहौल था। कल्चर, वैल्यू और लोगों का माइंडसेट भी बिल्कुल अलग था। मुझे रिएलाइज हुआ कि मुझे अपने किसी भी फैसले के लिए शर्मिंदा नहीं होना चाहिए। फिर चाहे वो ब्वायफ्रेंड चुनना, सेक्स करना हो या कहीं भी बेफ्रिक होकर घूमना हो। (courtesy: vice.com)
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