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बधाई मोदी जी, आपकी अगुवाई में 'गांधी वध' उत्सव और गोडसे की मूर्ति स्थापना हो रही है

- कृष्णकांत 

प्रिय प्रधानमंत्री मोदी जी,

आपको बधाई। सैनिकों की शहादत और देश की सुरक्षा के मीडियाई उन्माद के बीच गांधी के हत्यारे की मूर्ति स्थापित हो गई है। मुझे कोई शक नहीं है कि आपको जानकारी नहीं होगी। हिन्दू महासभा आपके आरएसएस का दंगा-सहयोगी संगठन है। वही आरएसएस जो गांधी की जघन्य हत्या को वध कहता है, जिसने गांधी की हत्या के बाद मिठाई बांटी थी, जिसकी सीढ़ियाँ चढ़कर आप देश के प्रधानमंत्री बने थे।

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आप प्रधानमंत्री बनकर पहली बार संसद पहुंचे थे तो घुटनो के बल झुक कर संसद को प्रणाम किया था। वह संसद हनुमान मंदिर नहीं है। वह सवा अरब जनता की लोकतान्त्रिक आस्थाओं और आकाँक्षाओं का केंद्र है, जो लाखों की क़ुर्बानी के बाद हासिल हुआ है। गांधी की हत्या का उत्सव उस महान लोकतंत्र पर एक घिनौना धब्बा है। हिन्दू महासभा ने गोडसे की मूर्ति स्थापित करके 2 अक्टूबर को फिर से गांधी की हत्या की। उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार और आपकी केंद्र सरकार गांधी की इस मानस हत्या के दोषी हैं।

दुनिया गांधी के जन्मदिन को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में मनाती है। आप उनका जन्मदिन झाड़ू दिवस जैसी नौटंकी के रूप में मनाते हैं। महासभा उसे काला दिवस के रूप में मनाती है। गांधी आधुनिक भारत के अकेले विश्व पुरुष हैं। आप यूरोप अमेरिका में जाकर उनके नाम नारा कैसे लगाते होंगे, यह समझ से परे है। दुखद है कि आप दुनिया भर में घूम कर बुद्ध और गांधी को बेचते हैं और अपने देश में गांधी के हत्यारे के महिमा मंडन को नहीं रोकते। इससे बुरा क्या होगा कि गांधी जयंती के मौके पर एक तरफ किसानों पर भाजपा सरकार गोलीबारी करवाती है तो दूसरी तरफ गोडसे कि मूर्ति स्थापित की जाती है।

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हमें गांधी की चिंता नहीं है। गांधी को छोटा करने का प्रयास आसमान पर थूकने का प्रयास करना है। दुःख इस बात का है कि आपकी अगुवाई में हिन्दू कट्टरपंथ हत्या और हत्यारे की स्थापना को सेलिब्रेट कर रहा है और सवा अरब आबादी वाला देश चुपचाप इसे देख रहा है। गांधी की हत्या का उत्सव हमारे ही समय में होना था। इसके लिए मैं शर्मिंदा हूं। अगर आप ऐसा नहीं होने देते तो यह देश आपका ऋणी होता।
बहुत दुख और क्षोभ के साथ

आपका 
एक नाचीज़ भारतीय नागरिक
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