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31वें जन्मदिन पर 15 साल के 'चीकू' के नाम टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली की चिट्ठी

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने अपने जन्मदिन (5 नवंबर) को ट्विटर पर एक चिट्ठी शेयर की है। चिट्ठी की खास बात ये है कि इसे 31 साल के विराट ने खुद अपने लिए लिखा है। विराट का बचपन का नाम चीकू है, कोहली की ये चिट्ठी 15 के उसी चीकू के नाम लिखी गई है-

हाय चीकू, 
सबसे पहले तो मैं तुम्हें जन्मदिन की बधाई देना चाहता हूं. मैं जानता हूं कि अपने भविष्य को लेकर तुम्हारे मन में मेरे लिए बहुत सारे सवाल होंगे. मुझे माफ करना, लेकिन मैं बहुत सारे सवालों का जवाब नहीं दे पाऊंगा, क्योंकि मैं नहीं जानता कि तुम्हारे लिए आगे कौन से प्यारे सरप्राइज हैं. हर चुनौती रोमांच भरती है और हर निराशा एक सबक सिखाती है. तुम्हें आज इस बात का अहसास नहीं होगा, लेकिन यह सफर से ज्यादा मंजिल पर जाने के बारे में है. और यह सफर शानदार है.

मैं जो तुम्हें बताऊंगा वह ये है कि तुम्हारे लिए जिंदगी ने कुछ बड़ा सोच रखा है, लेकिन उसके लिए तुम्हें मिलने वाले हर मौके के लिए तैयार रहना होगा. जब भी तुम्हारे हाथ वह मौका आए उसे हाथों-हाथ ले लेना और उसे कभी मत लेना जो आसानी से मिल जाए. अगर ऐसा करोगे तो तुम भी फेल हो जाओगे जैसे हर कोई होता है. अपने आप से यह वादा करो कि तुम कभी भी उठना नहीं भूलोगे और अगर पहली बार में तुम नहीं कर पाते हो तो दोबारा कोशिश करना.

तुम्हें बहुत से लोग प्यार करेंगे और बहुत से लोग तुम्हें नापसंद भी करेंगे. इनमें से कुछ ऐसे भी होंगे, जो तुम्हें जानते तक नहीं होंगे. उनकी चिंता मत करना. सिर्फ खुद पर विश्वास रखना. मुझे पता है कि पापा ने जो जूते तुम्हें गिफ्ट में नहीं दिए हैं फिलहाल तुम उसी पर सोच रहे हो. लेकिन यह जान लो कि सुबह-सुबह जब वह तुमसे गले लगेंगे और तुम्हारी हाइट पर मजाक करेंगे, उसके सामने उन गिफ्ट का कोई मतलब नहीं होगा. इन्हें संजोकर रखो, इन्हें याद रखना. मुझे पता है कि वो कभी-कभी तुम्हें सख्त लगेंगे, लेकिन यह बस इसलिए है क्योंकि वो तुम्हें सबसे बेहतर होते देखना चाहते हैं.

तुम्हें ये भी लगता होगा कि मम्मी-पापा तो हमें समझते ही नहीं, लेकिन याद रखना एक परिवार ही है जो हर स्थिति में बिना किसी शर्त के हमारे साथ खड़ा रहता है. उन्हें भी प्यार करो, उनका सम्मान करो और जब तक उनके साथ हो, समय बिताओ उनके साथ. पापा को कहो कि तुम उनसे कितना प्रेम करते हो- बहुत ज़्यादा! उन्हें यह बात आज कहो, कल दोबारा कहो, हर बार कहो जब भी मौका मिले.

अंत में, अपने दिल की सुनो, अपने सपनों का पीछा करो, खुद को विनम्र बनाओ. दुनिया को दिखा दो कि बड़े सपने देखना ही हमें बेहतरीन बनाता है, बाकियों से अलग करता है. जो हो, वैसे बने रहो, अपने मूल रूप में. और हां, ये पराठे तो खूब खाओ, स्वाद ले कर खाओ भाई! आने वाले दिनों में ये कितनी बड़ी बात बन जाएगी तुम्हें अंदाजा नहीं है.

हर दिन को बेहतरीन बनाओ
विराट
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